कोरोनावायरस संकटकाल में बिहार और मध्य प्रदेश में होने वाले चुनाव बदले बदले नजर आएंगे ।इस दौर में चुनाव के दौरान तकनीक का इस्तेमाल जरूरी और मजबूरी दोनों बन गया है लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यही उठ रहा है क्या बिहार जैसे गरीब राज्य में तकनीक का इस्तेमाल कर चुनाव को सफल बनाया जा सकता है ?यह सवाल ऐसे समय उठ रहा है अब चुनाव आयोग की ओर से साफ कर दिया गया है। बिहार में तय समय पर ही चुनाव कराए जाएंगे इस संकट काल काल में चुनाव को लेकर बिहार में दो राय जरूरी दिखी कुछ राजनीतिक दल चुनाव के पक्ष में है तो कुछ अभी भी इसे हटाने की बात कर रहे हैं। हालांकि चुनाव होंगे समय पर होंगे और इसमें तकनीक का खूब इस्तेमाल देखने को मिलेगा लोकतंत्र के इतिहास में बिहार विधानसभा चुनाव ऐसा पहला राज्य होगा जहां तकनीक का इस्तेमाल खूब देखने को मिल सकता है जब चुनाव डिजिटल कैंपेन के दम लडा जाएगा ।तो राजनीतिक दलों ने भी इसके ने भी इसके लिए कमर कस लिया है इसमें सबसे ज्यादा बढ़त भाजपा को है भाजपा को है ।भाजपा ने बिहार में जुलाई महीने में ही अमित शाह के डिजिटल रैली को आयोजित कर अपना दम दिखाना शुरू कर दिया था। वोटरों से सीधा संबंध स्थापित करने के लिए भाजपा ने कमल कनेक्ट एप भी लांच लांच भी लांच कर दिया है इस ऐप के जरिए नेता मोदी सरकार और बिहार के एनडीए सरकार के कामकाज को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी भी लगातार डिजिटल माध्यम के जरिए ही बिहार में नए-नए में नए-नए परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन कर रहे हैं ।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चुनाव को देखते हुए भाजपा अपनी रैलियों को और ज्यादा बढ़ाने की कोशिश करेगी। जिसके लिए डिजिटल तकनीक का खूब इस्तेमाल होगा ।सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड भी चुनाव को देखते हुए डिजिटल चुनावी हेड क्वार्टर तैयार कर लिया है ।जिसके जरिए नितीश कुमार लगातार लोगों से संपर्क कर रहे हैं। जनसंवाद कर रहे हैं। और अपने कामकाज की जानकारी भी दे रहे हैं ।पूरे बिहार में 7 सितंबर को नीतीश कुमार ने डिजिटल तकनीक के जरिए निश्चय रैली किया था। जेडीयू राज्य सरकार के मंत्री संजय झा की निगरानी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मजबूत करने में जुटी हुई है उधर बिहार की मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल तेजस्वी यादव के नेतृत्व में डिजिटल पहुंच मजबूत करने में जुटी हुई है हालांकि आरजेडी भी दिखाने की कोशिश कर रही है कि वह लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने में विश्वास रखती है। इसका कारण यह भी है कि आरजेडी लगातार चुनाव और चुनाव में डीजल तकनीक के इस्तेमाल का विरोध कर रही है उधर विरोध के बावजूद कांग्रेश ने भी भी अब बिहार में में डिजिटल तकनीक के जरिए रैली करने का प्लान बनाया है। चुनाव आयोग ने भी कोरोना संक्रमण के इस समय में चुनाव को लेकर गाइडलाइंस जारी कर दिया है इस गाइडलाइंस के अनुसार नॉमिनेशन ऑनलाइन होंगे ।हालांकि शारीरिक नामांकन भी विकल्प के तौर पर रहेगा चुनाव आयोग ने जनसंपर्क अभियान के तहत घर-घर अधिकतम पांच लोगों को ही जाने की अनुमति दी है इसके साथ ही चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से यह कह दिया है कि कोरोनावायरस गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस का हर हाल में पालन किया जाए।