बस्ती
आकाश शुक्ल
समेकित बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग नवजात शिशु के जन्म से गर्भवती को परामर्श सहित पुष्टाहार सेवन कराने प्रसव
उपरांत सेवाओं के लिए जाना जाता है वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के क्रम में भारत सरकार सहित प्रदेश सरकार के द्वारा वृहत्तम स्तर पर राहत व बचाव का कार्य किया जा रहा है
उत्तर प्रदेश सरकार, बाल मृत्यु दर तथा कुपोषण को कम करने, के लिए कृत संकल्प है। यह सर्वविदित है, कि, नवजात बच्चे, के, जन्म के एक घंटे, के अंदर स्तनपान आरंभ कराते हुए शिशु जब तक छह माह का ना हो जाये तब तक नवजात शिशु का, स्तनपान जारी रखना, नवजात शिशु के भावी जीवन, एक ढाल की तरह काम करता है अर्थात जीवन भर उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत रहेगी। जिससे ताऊ उम्र व स्वस्थ रहकर राष्ट्र के प्रति अपना योगदान करता रहेगा।
वैश्विक महामारी कोविड-19के दौरान भी धात्री( दूध पिलाने वाली माताओं, महिलाओं, नवजात शिशुओं सहित बच्चों, के, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर पर, विशेष ध्यान दिए जाना है । इस महामारी में दूध पिलाने वाली माताएं अनावश्यक तनाव न लें अन्यथा शरीर में दूघ का प्रभाव में बाधा आयेगी ऐसी स्थिति में लोग लुभावने प्रचार से प्रभावित होकर माताएं बच्चों को बाजार में बिक रहे डब्बा बंद कृत्रिम दूध के सेवन को बेबस होती हैं ऐसा कदापि न करें
कोविंद - 19के महामारी के प्रचंड तांडव से बचने के लिए नवजात शिशु को मां का दूध पिलाने के क्रम में आस पड़ोस में अपने ग्रुप के सगे संबंधियों सहित प्रगतिशील स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लेते हुए कृत्रिम दूध पाउडर के चलन को इस महामारी के संक्रमण काल मे एकदम बहिष्कार किया जाना चाहिए ताकि नवजात शिशु को रोकना संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके
उपरोक्त के क्रम में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रमुख सचिव बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग उत्तर प्रदेश शासन द्वारा लखनऊ द्वारा निर्देशित किया गया है कि इस संबंध में आई 0एम् 0एस 0एक्ट 2003पूरे देश में एक समय रहते लागू किया जाये|
जिला कार्यक्रम अधिकारी बस्ती सावित्री देवी ने बताया कि आई 0एम 0एस0 ऐक्ट 2003 में दिए गए निर्देश
गर्भवती तथा धात्री माताओं एवं उनके परिवार को मुफ्त सैंपल दूध की बोतल एवं कृत्रिम आहार देने पर प्रतिबंध
दो वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए डिब्बाबंद दूध कृत्रिम पशु आहार के प्रोत्साहन पर प्रतिबंध हो
गर्भवती एवं धात्री माताओं के स्तन पान संबंधी उचित स्वास्थ्य एवं पोषण की शिक्षा और परामर्श देना
किसी भी प्रकार के माध्यम से कामर्शियल शिशु आहार को दूसरे विकल्प के रूप में प्रचारित करना वर्जित
स्वास्थ्य एवं पोषण संस्थाओं को इस कम्पनियों द्वारा किसी भी प्रकार का डोनेशन देने को प्रतिबद्ध हैं
समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रभारी को इस निर्देश के साथ प्रेषित है कि अपने स्तर से कोरोना संक्रमण के बचाव के क्रम में डिब्बा बंद कृत्रिम दूध के प्रयोग न करने के संबंध में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से प्रचार प्रसार सुनिश्चित कराये जिससे शासन का मशा सफल हो सके।