राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कांग्रेस नेताओं ने किया प्रदेश अध्यक्ष के रिहाई की मांग
बस्ती । कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा ने मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत करते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार जान बूझकर कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है और अभी तक प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को रिहा नहीं कराया गया है। पत्रकारों से बातचीत में अंकुर वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में भाजपा की सरकार राजनीतिक विद्वेष बश कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। कहा कि भाजपा जुल्म करें, कांग्रेस सेवा करती रहेगी। भाजपा के दमन के आगे कांग्रेस झुकने वाली नही है। और ताकत से सेवा कार्य तेज किया जायेगा।
इसी क्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता के बाद जिलाध्यक्ष अंकुर वर्मा के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के रिहाई और पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं पर दर्ज किये गये फर्जी मुकदमों को वापस लिये जाने की मांग किया।
प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक अम्बिका सिंह, राम जियावन, प्रेमशंकर द्विवेदी आदि ने कहा कि कांग्रेस तो इस संकट काल में टेªनों के द्वारा श्रमिकों को उनके घर पहुंचा रही है। कांग्रेस महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार से एक हजार बसों को चलाने की अनुमति मांगा था किन्तु योगी सरकार ने बस चलवाने के लिये अनुमति देने की जगह प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू को अकारण गिरफ्तार करा दिया और प्रदेश के हजारों कांग्रेस कर्ताओं पर फर्जी मुकदमें लाद दिये गये। इससे कांग्रेस का मनोबल कमजोर होने वाला नही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संकट के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में 90 लाख लोगों तक भोजन और राशन पहुंचाया, 22 जिलों में रसोई घर संचालित किये गये, कार्यकर्ता रात दिन पीड़ितों की सेवा में जुटे हैं किन्तु भाजपा सरकार सत्ता के दम पर कांग्रेेस कार्यकर्ताओं का दमन कर रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
प्रेस वार्ता और ज्ञापन देने वालों में विश्वनाथ चौधरी, मो. रफीक खां, संदीप श्रीवास्तव, विपिन राय, बाबूराम सिंह, अलीम अख्तर, अतीउल्ला सिद्दीकी, विकास वर्मा, पंकज गौतम, जगदीश प्रसाद निषाद, लवकुश गुप्ता आदि शामिल रहे।