बस्ती
बस्तीः ब्लड बैंकों में रक्त की कमी जल्द ही दूर होगी। रोटरी क्लब सहित अन्य संस्थाएं इसके लिए आगे आई हैं। लॉकडाउन के कारण ब्लड बैंकों का स्टॉक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था। इस गहराते संकट के बीच स्वास्थ्य विभाग लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील कर रहा है। विभाग की ओर से रक्तदाताओं को लॉकडाउन पास और मोहल्लों में ही कलेक्शन वाहन भेज कर ब्लड लेने सहित अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। ज़िला अस्पताल में 300 यूनिट और मेडिकल कॉलेज कैली में स्थापित ब्लड बैंक में 500 यूनिट स्टोरेज की क्षमता है।
लॉकडाउन के कारण स्वास्थ्य विभाग की अन्य गतिविधियो के साथ ही रक्तदान कार्यक्रम भी बंद हो गया, जिसका परिणाम ये हुआ की दोनों अस्पतालों का स्टॉक लगभग 40 यूनिट ब्लड तक पहुंच गया था। जो लोग थैलसिमिया, स्क्लि सेल एनिमिया व हिमोफीलिया से पीड़ित हैं उन्हें नियमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे लोगों को समय पर रक्त निहायत जरूरी है। इसके अलावा सीज़ेरियन प्रसव में भी रक्त की ज़रूरत पड़ती है। ज़िला अस्पताल के ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने बताया की शासन ने स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करने को कहा है।
रक्तदान संबंधी सूचनाओं को ई-रक्तकोश पोर्टल पर अपडेट करने के लिए कहा गया है। यह एक ऐसा पोर्टल है जहाँ रक्तदाताओं के रिकॉर्ड मौजूद होते हैं, साथ ही इस पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक रक्त समूह की उपलब्धता की वर्तमान स्थिति पर रियल टाइम इनफॉर्मेशन दी जा सकती है। भावी रक्तदाताओं को इस पोर्टल पर रक्तदान के लिए रजिस्ट्रर किये जाने के लिए कहा गया है। ब्लड बैंकों को यह आदेश दिया गया है कि ई रक्तकोश पोर्टल पर नियमित रूप से रक्त की उपलब्धता की जानकारी दी जाए।
रक्तदाताओं को मिलेगा सम्मान, जारी होगा पास
रक्तदाताओं के आवागमन को आसान करने के लिए उन्हें पास मुहैया कराया जाएगा। साथ ही कोरोना संकटकाल में रक्तदान करने वाले इन रक्तवीरों को रक्तदान से संबंधित विशेष सर्टिफिकेट भी प्रदान कराए जाने की व्यवस्था विभाग द्वारा की जा रही है।
सुरक्षा नियमों का हो रहा पालन
रक्तदान करने वाले केंद्रों व ब्लड बैंकों में कोरोना संक्रमण के मद्देनजर विशेष सावधानी व कोविड-19 के मापदंड का अनुपालन कराया जा रहा है। केन्द्रों पर किसी प्रकार का संक्रमण न फैले, इसके लिए व्यक्तिगत सुरक्षा नियमों के तहत हाथों की धुलाई, रक्तदान करने वाले क्षेत्र की नियमित सफाई, डोनर के लिए जीवाणुरहित सामग्रियां व एंटीसेप्टिक क्लीनर की व्यवस्था कराई जा रही है।