बस्ती
जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने दस्तक एवं संचारी रोग नियंत्रण अभियान के संचालन में आशा, आगनबाडी कार्यकत्री को घर-घर जाकर स्वच्छता, शुद्ध पेयजल के उपयोग एंव बुखार होने पर तत्काल निकट के सीएचसी/पीएचसी पर मरीज को भेजने के प्रति जागरूकता लाने का निर्देश दिया है। कलेक्टेªट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होने कहा कि जिले में यह दोनो अभियान पूरी गम्भीरता से संचालित करें। लापरवाही के दोषी पाये गये कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करें।
उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि बुखार के प्रत्येक मरीज को तत्काल सीएचसी/पीएचसी पर भेजा जाय। इसके लिए एम्बुलेन्स के निःशुल्क सेवाए उपलब्ध है। जेई/एईएस के सभी मरीज सीधे एंव बिना विलम्ब किए सीएचसी/पीएचसी पर भेजे जायेंगे। ऐसा न करने वाले कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेंगी। इस वित्तीय वर्ष में 22 मरीज निकट के सीएचसी/पीएचसी पर न भेजकर सीधे मेडिकल कालेज भेजे जाने पर उन्होने सभी मरीजो की केस हिस्ट्री तलब किया है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष जेई, एईएस के कुल 43 मरीज हुए है, जिसमें से 22 मरीज बिना सीएचसी/पीएचसी पर गये सीधे जिला अस्पताल या बीआरडी मेडिकल कालेज चले गये है।
उन्होने सीएमओ को निर्देश दिया कि लक्ष्ण पाये जाने पर दिमागी बुखार के मरीज का इलाज इन्सेफलाईटिस ट्रीटमेन्ट सेण्टर (ईटीसी) तथा पीकू एंव मीनी पीकू पर इलाज कराया जाय। जिलाधिकारी ने बैठक में मदर्स मीटिंग एंव ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की बैठक आयोजित करने का भी निर्देश दिया है। बैठक में सीएमओ डाॅ0 एके गुप्ता, डाॅ0 आईए अंसारी, डाॅ0 फखरेयार हुसैन, यूनिसेफ के आलोक राय भी उपस्थित रहें।